Lahsun Mircha ke chatani Lyrics | Bhojpuri Song 2024

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Lahsun Mircha ke chatani Lyrics:- आपको इस ब्लॉग पोस्ट में “लहसून मिर्चा के चटनी” गाने के शब्दों का मतलब और अर्थ जानने को मिलेगा।

Lahsun Mircha ke chatani Lyrics

खीश में बनयले बानी तीखा तरकारी
बोली बोली बलमू हो गाइनी हम हारी
गुस्सा करेली
ना ना हम ता खुश बानी
आंख बाटे लाल
भाभी दिहनी हा डाल
आज खाना में कूट के कुटनी
लहसून मिर्चा के चटनी
तू बाटू हो धरम पतनी
लहसून मिर्चा के चटनी
तू बाटू हो धरम पतनी
ता देले बड़ा बनाई नौकरानी ए राजा
खाली अपने करेला मनमानी ए राजा
अरे मुंह बंद करे वाला ताला लागेलू
गरमालु ता गरम मशाल लागेलू
छाती छेद करे वाला भाभी भाला लगेली
ता मानब नही आज
बाटे गरम बा मिजाज
आज पीछे ना हटिए हटानी
लहसून मिर्चा के चटनी
तू बाटू हो धरम पतनी
लहसून मिर्चा के चटनी
तू बाटू हो धरम पतनी
रोज लेट क के घरवा में आवेला हो
खून दहिया के मोर खौलावेला हो
आज आटा लेखा हमाहु के सनबू का
जान लाइए के जान हमरा मानबू का
दुख भैया के तानिको ना जनाबु का
करा कल्लू करम
छोटू छूटी भरम
ईहे कही के देवरान के डाटनी
लहसून मिर्चा के चटनी
तू बाटू हो धरम पतनी
लहसून मिर्चा के चटनी
तू बाटू हो धरम पतनी

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