Furniture Lyrics | Bhojpuri Song 2023

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Furniture Lyrics:- आपको इस ब्लॉग पोस्ट में “फर्नीचर” गाने के शब्दों का मतलब और अर्थ जानने को मिलेगा।

Furniture Lyrics
Furniture Lyrics

कहतारु झूठे जान हो ता मोर सादिया
होला ना एकिन
आ चल जइबू सईया के घरवा ललका जोरवा पहिन
कहतारु झूठे जान हो ता मोर सादिया
होला ना एकिन
आ चल जइबू सईया के घरवा ललका जोरवा पहिन
कहतानी सच बात
बुझ ना मजाक दिन उत्तर गइल बा सनीचर के
आरे सुन ए लभर देइ देले आदर पापा हमार फर्नीचर के
आरे सुन ए लभर देइ देले आदर पापा हमार फर्नीचर के

आ जइबू तत्काल पुछबू ना हाल जाइ के सशुरारिया में
आ हो जइबू जान ईद के तू चाँद बइठते ही गड़िया में
आरे कुली ई चीझवा वासिग फिरिजवा
लागे किनायल राजा
आरे मेहदी महावर हाथे पर सजी मारवा दरवाजा
आ सुनी तोहर बोलिया लागे लगोलिया
कुहके मानव भीतर के
आरे सुन ए लभर देइ देले आदर पापा हमार फर्नीचर के
आरे सुन ए लभर देइ देले आदर पापा हमार फर्नीचर के

आ भूल गइलू वादा रहे इरादा कइल पिछला साल के
आ अखिया के सोझा गम के ई बोझा
चल जइबू दाल के
बुझ मजबूरी करता दुरी पापा के पगरिया
आ सुन ए चाँद ना होह हरण लेते रहब खबरिया
चुम्बु गुलाब तू आरियन मेहता बाबुल के मारी इतर के
आरे सुन ए लभर देइ देले आदर पापा हमार फर्नीचर के
आरे सुन ए लभर देइ देले आदर पापा हमार फर्नीचर के
आरे सुन ए लभर देइ देले आदर पापा हमार फर्नीचर के

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