Top 10 Bhojpuri Movies Of All Time
Top 10 Bhojpuri Movies Of All Time की बात करें तो, भोजपुरी सिनेमा ने दशकों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया है। यह इंडस्ट्री सिर्फ मनोरंजन ही नहीं बल्कि अपनी संस्कृति, भाषा और मिट्टी की खुशबू को भी बखूबी पर्दे पर उतारती है। आज हम उन 10 सुपरहिट भोजपुरी फिल्मों के बारे में जानेंगे जिन्होंने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि इस इंडस्ट्री को एक नई पहचान दी और आज भी दर्शक इन्हें बड़े चाव से याद करते हैं। इन फिल्मों ने भोजपुरी सिनेमा के सफर में मील का पत्थर साबित होते हुए इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
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भोजपुरी सिनेमा का ऐतिहासिक सफर: एक अवलोकन

भोजपुरी सिनेमा का इतिहास काफी पुराना और दिलचस्प है। इसकी शुरुआत 1962 में फिल्म ‘गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो’ से हुई थी। कुंदन कुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने भोजपुरी भाषा में सिनेमा की एक नई धारा खोल दी। शुरुआती दौर में फिल्में सामाजिक मुद्दों, ग्रामीण जीवन और पारिवारिक मूल्यों पर आधारित होती थीं। दरअसल, उस वक्त सीमित संसाधनों के बावजूद फिल्म निर्माताओं ने बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा भी किया। वहीं, 70 और 80 के दशक में कुछ बेहतरीन फिल्में बनीं, लेकिन 90 के दशक में इस इंडस्ट्री को थोड़ा संघर्ष करना पड़ा। हालांकि, 2000 के दशक की शुरुआत में आई फिल्म ‘ससुरा बड़ा पईसावाला’ ने भोजपुरी सिनेमा को एक नया जीवनदान दिया और इसे व्यावसायिक रूप से बेहद सफल बना दिया। इसी बीच, तकनीकी प्रगति और नए कलाकारों के आने से भोजपुरी फिल्मों का स्तर लगातार बेहतर होता गया है। आज यह इंडस्ट्री करोड़ों का कारोबार करती है और इसके दर्शक सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी फैले हुए हैं।
आज भी दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली टॉप 10 भोजपुरी फिल्में
1. गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो (1962)
यह भोजपुरी सिनेमा की पहली फिल्म है और इसे एक ऐतिहासिक दर्जा प्राप्त है। कुंदन कुमार द्वारा निर्देशित इस फिल्म में कुमकुम, असीम कुमार और नजीर हुसैन जैसे कलाकारों ने अभिनय किया था। फिल्म की कहानी एक विधवा महिला के संघर्ष, उसके बच्चे के भविष्य और समाज में उसकी प्रतिष्ठा को लेकर बुनी गई थी। दरअसल, इस फिल्म ने भोजपुरी भाषा को सिनेमाई पहचान दी और साबित किया कि क्षेत्रीय भाषाओं में भी सशक्त कहानियां कही जा सकती हैं। अपनी सादगी, मार्मिक कहानी और यादगार गीतों के कारण यह फिल्म आज भी भोजपुरी सिनेमा के प्रशंसकों के दिलों में बसी हुई है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भोजपुरी सिनेमा के उदय का प्रतीक है।
2. लागी नाहीं छूटे राम (1963)
‘गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो’ की सफलता के ठीक बाद रिलीज़ हुई ‘लागी नाहीं छूटे राम’ भी भोजपुरी सिनेमा की शुरुआती और महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक है। इसका निर्देशन कुंदन कुमार ने किया था और इसमें निम्मी, अजीत कुमार और कुमकुम जैसे सितारे थे। इस फिल्म की कहानी में प्यार, दोस्ती और सामाजिक रिश्ते की पेचीदगियों को बहुत खूबसूरती से दर्शाया गया था। वहीं, इसके गाने भी काफी लोकप्रिय हुए थे, जो आज भी भोजपुरी लोकगीतों की मिठास लिए हुए हैं। इस फिल्म ने यह स्थापित किया कि भोजपुरी फिल्में सिर्फ एक प्रयोग नहीं बल्कि एक स्थायी और सफल माध्यम बन सकती हैं। इसने दर्शकों को क्षेत्रीय सिनेमा के प्रति और अधिक आकर्षित किया।
3. बलमा बड़ा नादान (1964)
महत्वपूर्ण भोजपुरी फिल्मों की बात करें तो, ‘बलमा बड़ा नादान’ का नाम भी जरूर आता है। एस.एन. त्रिपाठी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में कुमकुम, अजीत कुमार और अन्य कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता था। फिल्म की कहानी एक भोली-भाली पत्नी और उसके नादान पति के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें हास्य और भावनाओं का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। दरअसल, यह उस दौर की उन फिल्मों में से एक थी जिसने पारिवारिक मनोरंजन को प्राथमिकता दी और दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर किया। इस फिल्म ने भोजपुरी सिनेमा को विभिन्न शैलियों में प्रयोग करने की प्रेरणा दी और इसकी लोकप्रियता को और बढ़ाया।
4. ससुरा बड़ा पईसावाला (2004)
2000 के दशक की शुरुआत में भोजपुरी सिनेमा को एक नई दिशा देने वाली यह फिल्म अपने आप में एक क्रांति थी। ‘ससुरा बड़ा पईसावाला’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की और भोजपुरी सिनेमा को व्यावसायिक सफलता का एक नया मुकाम दिया। अजय सिन्हा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में मनोज तिवारी और रानी चटर्जी ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इसकी कहानी एक गरीब लड़के और एक अमीर लड़की के प्रेम संबंधों और शादी के बाद के संघर्षों पर आधारित थी। वहीं, फिल्म के गाने, खास तौर पर मनोज तिवारी के गाए गीत, ब्लॉकबस्टर साबित हुए थे। यही वजह है कि इस फिल्म ने कई नए कलाकारों और निर्माताओं को भोजपुरी इंडस्ट्री में आने के लिए प्रेरित किया।
5. दरोगा बाबू आई लव यू (2004)
‘ससुरा बड़ा पईसावाला’ की सफलता के तुरंत बाद, मनोज तिवारी की एक और फिल्म ‘दरोगा बाबू आई लव यू’ ने भी दर्शकों के दिलों पर राज किया। यह फिल्म भी उस दौर की सबसे सफल फिल्मों में से एक मानी जाती है, जिसने भोजपुरी फिल्मों की लोकप्रियता को और बढ़ाया। इसका निर्देशन भी अजय सिन्हा ने किया था और इसमें मनोज तिवारी के साथ स्वीटी छाबड़ा मुख्य भूमिका में थीं। फिल्म की कहानी एक ईमानदार दरोगा और एक लड़की के प्यार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें एक्शन, ड्रामा और रोमांस का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता है। ऐसे में, इस फिल्म ने साबित किया कि मनोज तिवारी एक सफल मास अपील वाले स्टार हैं और भोजपुरी सिनेमा में उनका जादू बरकरार रहेगा।
6. निरहुआ हिंदुस्तानी (2014)
दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ और आम्रपाली दुबे की जोड़ी को स्थापित करने वाली यह फिल्म आधुनिक भोजपुरी सिनेमा की सबसे सफल और लोकप्रिय फिल्मों में से एक है। सतीश जैन द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने नए रिकॉर्ड स्थापित किए और दर्शकों के बीच ‘निरहुआ’ को एक सुपरस्टार बना दिया। फिल्म की कहानी में एक ग्रामीण युवक शहर आता है और कैसे उसे प्यार मिलता है, इस पर आधारित है। वहीं, इसके गाने आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। दरअसल, ‘निरहुआ हिंदुस्तानी’ ने कॉमेडी, रोमांस और एक्शन के सही मिश्रण से दर्शकों को खूब लुभाया और भोजपुरी फिल्मों को एक नया युवा दर्शक वर्ग दिया। इसने साबित किया कि अच्छी कहानी और प्रस्तुति आज भी हिट हो सकती है।
7. पटना से पाकिस्तान (2015)
एक्शन और देशभक्ति के फ्लेवर वाली ‘पटना से पाकिस्तान’ भी दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ की एक और बड़ी हिट फिल्म है। संतोष मिश्रा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में निरहुआ के साथ काजल राघवानी और आम्रपाली दुबे मुख्य भूमिका में थीं। फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो अपने परिवार के दुश्मनों से बदला लेने के लिए पाकिस्तान तक पहुंच जाता है। दूसरी ओर, इसकी जबरदस्त एक्शन सीक्वेंस और देशभक्ति के नारों ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। यही वजह है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और निरहुआ को एक एक्शन स्टार के रूप में स्थापित किया। इसने भोजपुरी सिनेमा को बड़े बजट की एक्शन फिल्मों के लिए प्रेरित किया।
8. मेहंदी लगा के रखना (2017)
खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी की जोड़ी वाली यह फिल्म भी भोजपुरी सिनेमा की सबसे सफल और पसंद की जाने वाली फिल्मों में से एक है। रजनीश मिश्रा द्वारा निर्देशित ‘मेहंदी लगा के रखना’ ने अपने संगीत, कहानी और शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया था। फिल्म की कहानी एक प्रेम कहानी पर आधारित है जिसमें परिवार और परंपराओं का भी महत्वपूर्ण स्थान है। दरअसल, इसके गाने ‘सरसों के सगिया’ और ‘लगाके फेयर लवली’ आज भी शादियों और पार्टियों में बजते हैं। इस फिल्म ने पारिवारिक मूल्यों और आधुनिक प्रेम को खूबसूरती से मिलाकर एक नई सफलता की कहानी लिखी, जिससे खेसारी लाल यादव की लोकप्रियता में भारी उछाल आया।
9. बॉर्डर (2018)
देशभक्ति और एक्शन से भरपूर ‘बॉर्डर’ भोजपुरी सिनेमा की सबसे महंगी और सफल फिल्मों में से एक है। संतोष मिश्रा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, आम्रपाली दुबे, और प्रवेश लाल यादव जैसे सितारों ने अभिनय किया था। फिल्म की कहानी भारतीय सेना के जवानों के शौर्य और उनके बलिदान पर आधारित है। वहीं, फिल्म के भव्य सेट, जबरदस्त एक्शन और देशभक्ति के संवादों ने दर्शकों को खूब उत्साहित किया। ऐसे में, ‘बॉर्डर’ ने यह साबित किया कि भोजपुरी फिल्में भी बड़े पैमाने पर बन सकती हैं और पैन-इंडिया अपील रख सकती हैं। यह एक महत्वपूर्ण फिल्म थी जिसने भोजपुरी सिनेमा की छवि को और मजबूत किया।
10. संघर्ष (2018)
खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी की एक और धमाकेदार फिल्म ‘संघर्ष’ ने भी दर्शकों का दिल जीता और समीक्षकों से भी खूब सराहना बटोरी। पराग पाटिल द्वारा निर्देशित इस फिल्म में समाज के एक गंभीर मुद्दे, खासकर महिला सशक्तिकरण और कन्या भ्रूण हत्या पर रोशनी डाली गई थी। दरअसल, इस फिल्म ने न सिर्फ मनोरंजन किया बल्कि एक सशक्त सामाजिक संदेश भी दिया। वहीं, खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी के अभिनय को खूब सराहा गया। ‘संघर्ष’ ने यह दिखाया कि भोजपुरी सिनेमा सिर्फ मसाला फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गंभीर विषयों पर भी प्रभावी ढंग से फिल्में बना सकता है। यह एक प्रेरणादायक और विचारोत्तेजक फिल्म थी।
भोजपुरी सिनेमा की वर्तमान स्थिति और भविष्य
आज भोजपुरी सिनेमा तेजी से विकसित हो रहा है। बड़े बजट की फिल्मों का निर्माण हो रहा है, जिनमें बेहतर तकनीक, कहानी और अभिनय देखने को मिल रहा है। दरअसल, अब सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी भोजपुरी फिल्मों के दर्शक हैं। वहीं, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब और ओटीटी पर भी भोजपुरी कंटेंट की डिमांड बढ़ी है। युवा निर्देशक और कलाकार इस इंडस्ट्री में नए प्रयोग कर रहे हैं, जिससे इसकी पहुंच और बढ़ रही है। हालांकि, अभी भी कंटेंट की गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं पर और काम करने की जरूरत है। ऐसे में, उम्मीद है कि आने वाले समय में भोजपुरी सिनेमा और भी ऊंचाइयों को छुएगा और नए रिकॉर्ड स्थापित करेगा। इसका भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है, क्योंकि यह अपनी जड़ों से जुड़ा रहकर भी आधुनिकता को अपना रहा है।
निष्कर्ष: एक समृद्ध सिनेमाई विरासत
Top 10 Bhojpuri Movies Of All Time की इस सूची में हमने देखा कि कैसे भोजपुरी सिनेमा ने समय के साथ खुद को ढाला है और दर्शकों का मनोरंजन किया है। शुरुआती क्लासिक्स से लेकर आधुनिक ब्लॉकबस्टर तक, इन फिल्मों ने भोजपुरी संस्कृति और भाषा को बड़े पर्दे पर एक विशेष स्थान दिलाया है। दरअसल, ये फिल्में सिर्फ कहानी नहीं बतातीं, बल्कि समाज, रिश्तों और भावनाओं के विभिन्न पहलुओं को भी दर्शाती हैं। वहीं, इन फिल्मों के माध्यम से कई सितारों ने अपनी पहचान बनाई और भोजपुरी इंडस्ट्री को एक मजबूत आधार प्रदान किया। यही वजह है कि भोजपुरी सिनेमा आज एक जीवंत और प्रगतिशील इंडस्ट्री है, जिसकी जड़ें गहरी और भविष्य आशाजनक है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
भोजपुरी सिनेमा की पहली फिल्म कौन सी थी?
भोजपुरी सिनेमा की पहली फिल्म ‘गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो’ थी, जो साल 1962 में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म का निर्देशन कुंदन कुमार ने किया था और इसमें नजीर हुसैन, कुमकुम और असीम कुमार जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिका निभाई थी। यह फिल्म एक विधवा महिला के संघर्ष और सामाजिक चुनौतियों पर आधारित थी, जिसने भोजपुरी भाषा को सिनेमाई पहचान दिलाई और इंडस्ट्री के लिए मार्ग प्रशस्त किया।
सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भोजपुरी फिल्म कौन सी है?
हाल के वर्षों में, ‘ससुरा बड़ा पईसावाला’ (2004) को व्यावसायिक रूप से सबसे बड़ी सफलता में से एक माना जाता है, जिसने भोजपुरी सिनेमा को एक नई व्यावसायिक ऊंचाई दी थी। इसके अलावा, ‘निरहुआ हिंदुस्तानी’, ‘बॉर्डर’ और ‘मेहंदी लगा के रखना’ जैसी कई फिल्मों ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। सटीक आंकड़े हमेशा अपडेट होते रहते हैं, लेकिन ये फिल्में निश्चित रूप से टॉप कमाई करने वालों में शामिल हैं।
भोजपुरी फिल्मों के सबसे बड़े स्टार कौन-कौन हैं?
भोजपुरी फिल्मों के सबसे बड़े सितारों में मनोज तिवारी, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, खेसारी लाल यादव और पवन सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। इन अभिनेताओं ने अपने अभिनय और गायकी से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। वहीं, आम्रपाली दुबे, काजल राघवानी, रानी चटर्जी और अक्षरा सिंह जैसी अभिनेत्रियां भी अपनी लोकप्रियता से इंडस्ट्री में छाई हुई हैं।
भोजपुरी फिल्मों का मुख्य दर्शक वर्ग कौन है?
भोजपुरी फिल्मों का मुख्य दर्शक वर्ग उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और नेपाल के भोजपुरी भाषी क्षेत्र के लोग हैं। हालांकि, अब यह दर्शक वर्ग सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीय प्रवासी, खासकर मध्य पूर्व के देशों में भी इसकी अच्छी-खासी लोकप्रियता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ने से भी इसके दर्शक वर्ग का दायरा बढ़ा है, जिसमें युवा भी शामिल हो रहे हैं।
भोजपुरी फिल्में इतनी लोकप्रिय क्यों हैं?
भोजपुरी फिल्में अपनी देसी कहानियों, दमदार एक्शन, मधुर संगीत और पारिवारिक मूल्यों के कारण इतनी लोकप्रिय हैं। ये फिल्में दर्शकों को अपनी संस्कृति और मिट्टी से जोड़ती हैं। साथ ही, इनमें हास्य, रोमांस और सामाजिक संदेश का बेहतरीन मिश्रण होता है, जो बड़े दर्शक वर्ग को आकर्षित करता है। कम बजट में भी दर्शकों का मनोरंजन करने की क्षमता और क्षेत्रीय जुड़ाव इनकी लोकप्रियता का प्रमुख कारण है।
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