रवि किशन की जीवनी

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भारतीय सिनेमा के एक बहुमुखी और करिश्माई व्यक्तित्व, रवि किशन, ने अपनी यात्रा उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव से शुरू की और खुद को मनोरंजन उद्योग और राजनीति दोनों में एक स्थापित नाम बनाया। उन्हें अक्सर ‘भोजपुरी मेगास्टार’ के रूप में जाना जाता है और उन्होंने हिंदी फिल्मों और टेलीविजन में भी अपनी पहचान बनाई है। यह विस्तृत Ravi Kishan Biography आपको उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं, संघर्षों, सफलताओं और उन मील के पत्थर से रूबरू कराएगी जिन्होंने उन्हें आज की ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

रवि किशन का जीवन दृढ़ता, कड़ी मेहनत और अटूट दृढ़ संकल्प की एक प्रेरणादायक कहानी है। उनकी अभिनय क्षमता, स्वाभाविक आकर्षण और जनता से जुड़ने की अद्भुत क्षमता ने उन्हें न केवल एक अभिनेता के रूप में बल्कि एक जन नेता के रूप में भी अत्यधिक लोकप्रिय बना दिया है। आइए, उनकी इस अविश्वसनीय यात्रा पर करीब से नज़र डालें।

जीवनी सारांश (Biography Table)

रवि किशन की जीवनी

रवि किशन के जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों का त्वरित अवलोकन नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत किया गया है:

पूरा नाम रवि किशन शुक्ला
जन्म तिथि 17 जुलाई 1969
जन्म स्थान बोरुब्बस, जौनपुर, उत्तर प्रदेश, भारत
पेशा अभिनेता, फिल्म निर्माता, टेलीविजन व्यक्तित्व, राजनेता
राष्ट्रीयता भारतीय
धर्म हिंदू
राशि कर्क
जीवनसाथी प्रीति किशन
बच्चे 4 (तीन बेटियाँ: रीवा, तनिष्क, इशिता; एक बेटा: सक्षम)
पिता का नाम श्याम नारायण शुक्ला
माता का नाम तारा देवी
राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
पहला फिल्मी डेब्यू पीताम्बर (1992, हिंदी)
पहला भोजपुरी डेब्यू सैयां हमार (2003)

जन्म और परिवार

रवि किशन की जीवनी

रवि किशन का जन्म 17 जुलाई 1969 को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बोरुब्बस नामक गाँव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम रवि किशन शुक्ला है। उनके पिता का नाम श्याम नारायण शुक्ला था, जो एक पुजारी थे, और उनकी माता का नाम तारा देवी है। रवि किशन के परिवार में उनके पिता के पूजा-पाठ के पेशे के कारण सात्विक और धार्मिक माहौल था। उनके बचपन का एक बड़ा हिस्सा जौनपुर और मुंबई में बीता, जहाँ उनका परिवार बेहतर अवसरों की तलाश में चला गया था।

पारिवारिक पृष्ठभूमि में सादगी और धार्मिक संस्कार थे, जिसने रवि किशन के प्रारंभिक जीवन को आकार दिया। उनके पिता उन्हें अपने नक्शेकदम पर चलते हुए पुजारी बनते देखना चाहते थे, लेकिन रवि किशन के सपने बड़े थे और वह मनोरंजन की दुनिया में अपना भाग्य आजमाना चाहते थे। इसी वजह से उन्हें अपने पिता के विरोध का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने सपनों का पीछा नहीं छोड़ा।

शुरुआती जीवन

रवि किशन का शुरुआती जीवन संघर्षों और अभावों से भरा था। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। जौनपुर से मुंबई आने के बाद भी उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपनी आत्मकथात्मक कहानियों और साक्षात्कारों में अक्सर बताया है कि कैसे उन्होंने मुंबई में रहने के लिए शुरुआती दिनों में दूध बेचा और छोटे-मोटे काम किए। उनके पिता का आशीर्वाद नहीं था, जिससे उनकी राह और भी कठिन हो गई थी।

एक कलाकार बनने का सपना उन्हें लगातार प्रेरित करता रहा। वह मुंबई में फिल्मी दुनिया से जुड़ने के अवसर तलाशते रहे, कभी छोटे-मोटे अभिनय के काम करते तो कभी स्टूडियो के चक्कर लगाते। यह उनके जीवन का वह दौर था जब उन्होंने धैर्य, लगन और अथक परिश्रम का महत्व सीखा, जिसने उनकी भविष्य की सफलता की नींव रखी।

शिक्षा

रवि किशन की प्रारंभिक शिक्षा जौनपुर और उसके बाद मुंबई में हुई। उन्होंने रिजवी कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स, मुंबई से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। हालांकि, उनका वास्तविक सीखने का अनुभव सड़कों पर और मुंबई के संघर्ष भरे दिनों में हुआ, जहाँ उन्होंने जीवन के अनुभवों से बहुत कुछ सीखा। अभिनय के प्रति उनके जुनून ने उन्हें औपचारिक शिक्षा से परे जाकर अपनी कला को निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभिन्न वर्कशॉप में भाग लिया और खुद को एक अभिनेता के रूप में तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

करियर की शुरुआत

रवि किशन के करियर की शुरुआत बेहद धीमी रही। उन्होंने 1992 में फिल्म ‘पीताम्बर’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया, लेकिन यह फिल्म कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई। इसके बाद उन्होंने कई छोटी-मोटी हिंदी फिल्मों में सहायक भूमिकाएँ निभाईं, लेकिन उन्हें पहचान नहीं मिल पाई। ‘तिरछी टोपी वाले’, ‘आर्मी’, ‘ज़िद’ और ‘शूल’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने काम किया, लेकिन ये भूमिकाएँ उन्हें बड़े मंच पर स्थापित नहीं कर सकीं।

लगभग एक दशक तक बॉलीवुड में संघर्ष करने के बाद, उन्होंने अपनी किस्मत भोजपुरी सिनेमा में आजमाने का फैसला किया। यह एक ऐसा निर्णय था जिसने उनकी पूरी करियर की दिशा बदल दी और उन्हें एक सुपरस्टार बना दिया। इस तरह, उनकी Ravi Kishan Biography में भोजपुरी सिनेमा का आगमन एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

भोजपुरी फिल्म / संगीत करियर

रवि किशन के करियर का वास्तविक उत्थान भोजपुरी फिल्म उद्योग के साथ हुआ। 2003 में रिलीज हुई उनकी पहली भोजपुरी फिल्म ‘सैयां हमार’ ने उन्हें रातों-रात भोजपुरी सिनेमा का पोस्टर बॉय बना दिया। इस फिल्म की अपार सफलता ने उन्हें ‘भोजपुरी मेगास्टार’ का खिताब दिलाया। उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उन्होंने भोजपुरी सिनेमा को एक नई पहचान और व्यावसायिक सफलता दिलाई।

रवि किशन ने भोजपुरी फिल्मों में न केवल अभिनय किया बल्कि कई फिल्मों का निर्माण भी किया और गाने भी गाए। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति, देसी अंदाज़ और दर्शकों से सीधे जुड़ने की क्षमता ने उन्हें भोजपुरी दर्शकों का प्रिय बना दिया। उन्होंने भोजपुरी सिनेमा को बड़े शहरों और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ‘पंडित जी बताई ना ब्याह कब होई’, ‘देवरा बड़ा सतावेला’, ‘लावारिस’ और ‘बांके बिहारी’ जैसी अनगिनत हिट फिल्में दीं। उनकी फिल्में अक्सर सामाजिक मुद्दों और पारिवारिक मूल्यों पर आधारित होती थीं, जो ग्रामीण दर्शकों के साथ गहरा संबंध बनाती थीं।

प्रमुख फिल्में, गाने और उपलब्धियां

रवि किशन ने अपने करियर में हिंदी और भोजपुरी दोनों भाषाओं में कई सफल फिल्में की हैं। उनकी कुछ प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं:

  • हिंदी फिल्में:
    • पीताम्बर (1992)
    • तेरे नाम (2003)
    • फिर हेरा फेरी (2006)
    • वेलकम टू सज्जनपुर (2008)
    • रावण (2010)
    • एजेंट विनोद (2012)
    • लखनऊ सेंट्रल (2017)
    • बाटला हाउस (2019)
    • मरजावां (2019)
  • भोजपुरी फिल्में:
    • सैयां हमार (2003)
    • पंडित जी बताई ना ब्याह कब होई (2005)
    • देवरा बड़ा सतावेला (2010)
    • लावारिस (2011)
    • बांके बिहारी (2011)
    • शहंशाह (2016)
    • सनकी दरोगा (2018)

अभिनय के अलावा, रवि किशन ने कई रियलिटी शो में भी भाग लिया है, जिससे उनकी लोकप्रियता और बढ़ी है। वह ‘बिग बॉस’ सीजन 1 में एक फाइनलिस्ट रहे और ‘झलक दिखला जा’ सीजन 5 में भी अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें बॉलीवुड के साथ-साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों (जैसे तेलुगु फिल्म ‘रेस गुर्रम’) में भी काम करने का अवसर दिया। उन्होंने ‘पापोन’ और ‘मनोज बाजपेयी’ के साथ मिलकर ‘मुंबई में का बा’ गाने में भी अपनी आवाज़ दी, जो काफी पसंद किया गया।

पुरस्कार और सम्मान

अपने शानदार करियर के दौरान, रवि किशन को उनके अभिनय और सिनेमा के प्रति योगदान के लिए कई पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया है। कुछ प्रमुख सम्मानों में शामिल हैं:

  • भोजपुरी फिल्म अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार कई बार जीता।
  • टेलीविजन रियलिटी शो में अपनी उपस्थिति के लिए भी उन्हें सराहना मिली है।
  • विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।
  • 2010 में, उन्हें ‘मनोज बाजपेयी’ के साथ, ‘ज़ी सिनेमा अवार्ड्स’ में ‘सर्वश्रेष्ठ खलनायक’ का पुरस्कार मिला, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है।

ये पुरस्कार उनकी कड़ी मेहनत, लगन और दर्शकों के दिलों में उनके स्थान को दर्शाते हैं, जो उनकी Ravi Kishan Biography को और भी समृद्ध बनाते हैं।

पति / पत्नी / रिलेशनशिप

रवि किशन विवाहित हैं और उनकी पत्नी का नाम प्रीति किशन है। उन्होंने प्रीति से शादी की और वे एक सुखद वैवाहिक जीवन बिता रहे हैं। रवि किशन अक्सर सार्वजनिक मंचों पर अपनी पत्नी और परिवार के प्रति अपने प्यार और सम्मान को व्यक्त करते हैं। उनके चार बच्चे हैं – तीन बेटियाँ और एक बेटा। उनकी बेटियों के नाम रीवा, तनिष्क और इशिता हैं, और उनके बेटे का नाम सक्षम है।

उनकी बेटी रीवा किशन ने भी अभिनय की दुनिया में कदम रखा है और कुछ फिल्मों में काम किया है। रवि किशन एक पारिवारिक व्यक्ति हैं और अक्सर अपने बच्चों के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते रहते हैं, जिससे उनके प्रशंसकों को उनके व्यक्तिगत जीवन की झलक मिलती रहती है।

नेट वर्थ

रवि किशन की अनुमानित नेट वर्थ कई स्रोतों के अनुसार लगभग 25-30 करोड़ रुपये (लगभग 3-4 मिलियन डॉलर) आंकी गई है। उनकी आय के मुख्य स्रोत अभिनय, फिल्म निर्माण, ब्रांड एंडोर्समेंट, टेलीविजन शो और उनकी राजनीतिक गतिविधियों से होने वाली आय हैं। एक सफल अभिनेता और राजनेता होने के नाते, उन्होंने अपने लिए एक अच्छी वित्तीय स्थिति स्थापित की है। उनकी संपत्ति में विभिन्न संपत्तियां, वाहन और निवेश शामिल हैं, जो उनकी Ravi Kishan Biography की सफलता को दर्शाते हैं।

सोशल मीडिया प्रोफाइल

एक सार्वजनिक व्यक्ति होने के नाते, रवि किशन सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं। वह अपने प्रशंसकों के साथ जुड़ने, अपने पेशेवर अपडेट साझा करने और अपने राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने के लिए इन प्लेटफार्मों का उपयोग करते हैं।

  • इंस्टाग्राम: @ravikishann (यहाँ वे अपने व्यक्तिगत जीवन की झलकियाँ, आगामी परियोजनाओं और राजनीतिक गतिविधियों को साझा करते हैं।)
  • ट्विटर: @ravikishann (ट्विटर पर वे अक्सर समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करते हैं और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े अपडेट देते हैं।)
  • फेसबुक: Ravi Kishan (फेसबुक पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, जहाँ वे अपने वीडियो, पोस्ट और लाइव सत्र साझा करते हैं।)

उनकी सोशल मीडिया उपस्थिति उनके प्रशंसकों को उनसे जुड़े रहने और उनके जीवन के बारे में जानने का अवसर देती है।

रोचक तथ्य

  • असली नाम: उनका पूरा नाम रवि किशन शुक्ला है।
  • पिता के सपने: उनके पिता चाहते थे कि रवि एक पुजारी बनें, लेकिन रवि का मन हमेशा से अभिनय में था।
  • संघर्ष के दिन: मुंबई में शुरुआती दिनों में उन्होंने दूध बेचकर और छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा किया।
  • बिग बॉस फाइनलिस्ट: वह ‘बिग बॉस’ के पहले सीज़न में फाइनलिस्ट रहे थे, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
  • बहुभाषी अभिनेता: उन्होंने हिंदी, भोजपुरी, तेलुगु और कन्नड़ सहित कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया है।
  • राजनेता: वह एक सक्रिय राजनेता हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य के रूप में गोरखपुर से लोकसभा सांसद हैं।
  • धार्मिक झुकाव: वह भगवान शिव के बड़े भक्त हैं और अक्सर धार्मिक स्थलों का दौरा करते हैं।
  • शौक: उन्हें बागवानी और खेती का शौक है, और वे अक्सर अपने खेत पर समय बिताते हैं।

निष्कर्ष

रवि किशन की जीवनी (Ravi Kishan Biography) एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसने अपने सपनों को पूरा करने के लिए अथक प्रयास किया और सफलता प्राप्त की। जौनपुर के एक साधारण गाँव से निकलकर भोजपुरी सिनेमा के ‘मेगास्टार’ और फिर एक सफल राजनेता बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक है। उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से न केवल मनोरंजन जगत में अपनी छाप छोड़ी है, बल्कि एक जिम्मेदार राजनेता के रूप में भी देश की सेवा कर रहे हैं।

रवि किशन एक ऐसा नाम है जो दृढ़ संकल्प, प्रतिभा और जन-संपर्क का प्रतीक है। उनके जीवन की कहानी उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए चुनौतियों का सामना करने से नहीं डरते। वह वास्तव में भारतीय सिनेमा और राजनीति के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जिनका प्रभाव आने वाले कई वर्षों तक महसूस किया जाता रहेगा।

FAQs

रवि किशन का पूरा नाम क्या है?

रवि किशन का पूरा नाम रवि किशन शुक्ला है।

रवि किशन की पत्नी का क्या नाम है?

रवि किशन की पत्नी का नाम प्रीति किशन है।

रवि किशन की कितनी संतानें हैं?

रवि किशन के चार बच्चे हैं – तीन बेटियाँ (रीवा, तनिष्क, इशिता) और एक बेटा (सक्षम)।

रवि किशन किस राजनीतिक दल से जुड़े हैं?

रवि किशन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हैं और गोरखपुर से लोकसभा सांसद हैं।

रवि किशन की पहली भोजपुरी फिल्म कौन सी थी?

रवि किशन की पहली सफल भोजपुरी फिल्म ‘सैयां हमार’ थी, जो 2003 में रिलीज हुई थी।

Editorial Note:
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